खिलौना ए जानेमन कर दें

कहो तो दिल ज़मीन रख दें कहो अब आसमा रख दें
मोहब्बत में सनम कह दो तो अपनी जां फ़ना कर दें

चलेंगे खेल तब तक ये अपने रूठने और मनाने के
जब तलक हम तुम्हारी हाँ में अपनी हाँ नही कर दें

जलसा है ये भी ज़िन्दगी का जहाँ दो दिल मचलते हो
बहारें ला दूँ सहरां में जो तू मुझपर एक नज़र कर दे

हमेशा खेल के माफिक खेल जाते हो तुम तो बातों से
चलो एक बार खुद को ही खिलौना ए जानेमन कर दें

प्रियंवदा

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