एक गहरा समन्दर है, एक दरिया दीवानी है
आती जाती इन स्वांसों में तेरी मेरी कहानी है ,
एक गहरा समन्दर है एक दरिया दीवानी है ।।
लहरों लहरों जीवन जिसका चलता रहता है
साहिल साहिल बन्धन जिसको बांधे रहता है।।
अब मोह कहो या फिर माया परवश ही रहते
यूँ बंधे बिंधे युग युग से हम संग संग है चलते।।
जिस प्रीत बंधे हम दो उसकी हर रीत निभानी है
एक गहरा समन्दर है,,,,,,एक दरिया दीवानी है।।
युग युग से चलते जाना ही धाराओं के हैं काम
जहाँ प्रीत जमा दे पांव वहीँ पे बन जाते हैं धाम।।
मिल जाना है एक दिन हमको सहते हर भार प्रहार
हर घाट पुरातन छोड़ मिलेंगे हम जब माटी के द्वार।।
तुम कह लो मन के बहलावे पर ये अनमिट बानी है
एक गहरा समन्दर है,,,,,,एक दरिया दीवानी है ।।
सुख दुःख पीड़ा इस घर भीतर कहो कब तक डोलेंगे
जब पंचतत्व मिलकर अपनी हर चौखट को खोलेंगे।।
मन पंछी हो आज़ाद उड़ेगा अपने प्रियतम के गांव
उस दिन हम भी इस अम्बर को अधरों पे तोलेंगे
गढ़ना उस एक क्षण हमको फिर कोई नई कहानी है
एक गहरा समन्दर है,,,,,एक दरिया दीवानी है ।।
प्रियंवदा
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