ह्रदय आकार बदलने लगता है ************************ हो जाये जब प्रीति ह्रदय आकार बदलने लगता है क्या तनमन क्या जीवन सारा संसार बदलने लगता है कल तक हम जो स्वासें लेते थे बस यूँ ही जी लेने को एक ख्याल ...
लिखो तुम अमावस गगन आज प्रियतम ****************************** लिखो तुम अमावस गगन आज प्रियतम मुझे चाह है चाँदनी ओढ़ने की छुपाकर तुम्हें अपने केशों के पीछे ख्वाहिश है कानों में वो बोलने की उजालों न जो ...