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परदेस गमन के बाद पहला पत्र

इस शरद पूनम बहुत याद आये तुम..... सुनो प्रिय.... परदेश गमन के पश्चात ये मेरा पहला पत्र तुमको जानते हो तुम बरसों बरस गए क़लम नही पकड़ी इन हाथों शब्द आड़े टेढ़े हो जाएं क्षमा करना अर्थ कद...